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| Article Name : | | | समकालीन हिन्दी कविता का सामाजिक परिप्रेक्ष्य | | Author Name : | | | डॉ. विशाल श्रीवास्तव | | Publisher : | | | Ashok Yakkaldevi | | Article Series No. : | | | ROR-16712 | | Article : | |  | Author Profile | | Abstract : | | | यह शोध-आलेख समकालीन हिन्दी कविता के सामाजिक परिप्रेक्ष्य का बहुआयामी विश्लेषण प्रस्तुत करता है। समकालीन कविता अपने समय की जटिल सामाजिक संरचनाओं, बदलते जीवन-मूल्यों और वैश्वीकरण, उदारीकरण तथा उपभोक्तावाद से उत्पन्न स्थितियों को गहराई से अभिव्यक्त करती है। | | Keywords : | | - समकालीन हिन्दी कविता,सामाजिक परिप्रेक्ष्य,
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